हाटी जनजाति, गिरिपार सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

सूचना पट्ट / Notice Board
हाटी समिति चंडीगढ़ यूनिट द्वारा आगामी 11 अप्रैल, 2026, शनिवार को 3 PM पर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के ओडिटोरियम में आयोजित होने वाली हाटी सांस्कृतिक संध्या "भादरी" में आप सभी का स्वागत है। इस अवसर पर माननीय श्री जयराम ठाकुर जी पूर्व मुख्यमंत्री हि०प्र० मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी करेंगे। धन्यवाद 🙏 निवेदक हाटी समिति चंडीगढ़ यूनिट

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • अगस्त, 2023 को भारत सरकार द्वारा हिमाचल की 11वीं जनजाति के रूप में घोषित
  • हिमाचल प्रदेश के दक्षिणतम जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की मूल जनजाति
  • हाटी-जौंसरा जनजातियाँ में प्राचीन काल से रोटी-बेटी के संबंध
  • हाटी बुलावाण गिरिपार की जन भाषा-बोली
  • टपरोली, निगाली, हरिपुर, नौहरा, कमरऊ, भावाणा, बोहल, चुडधार, जुइण, चांदपुर प्रसिद्द धारें
  • गिरि, टोंस प्रमुख नदियाँ और भंगाल, नोएट, मीनस छोटे नद
  • बान, बुरांश, देवदार, रोई, गुरियाल, क्यालु, बिउल, खडिक, कीमू, तूण, शिमल, मालू, चीड़, शीशम, खैर, छानण प्रमुख वनस्पति
  • हरड, धंतुरा, नौना, आंवला, तुलसी, नीम, बैनकशा, तिम्बुर आदि प्रमुखता से स्थानीय लोगों द्वारा कई रोगों के उपचार के लिए इस्तेमाल
हाटी समुदाय

गिरिपारो के हाटी, आपणी थाती आपणी माटी

सामाजिक-सांस्कृतिक बिंदु:

हाटी जनजाति सामाजिक-सांस्कृतिक
  • जनजाति में खोश/खश/कनैत/मियान, भाट/ब्राह्मण/पाबूच, देवा, डेटि आदि सम्मिलित
  • दियाली/मशराली, भातियोज़, खोड़ा, बिशु, हरियाली/हरयाल्टी, गुगाल, मौण, ग्यास, पांजवी प्रमुख मेले एवं पर्व
  • खेंडा/घेंडा, सिडकु, तेलपाकी, गुड़ोली, बेड़ोली, खुब्लू, पूड़े, खीर, ध्रोटी-भाट, पटांडे, लुश्के, चिलड़े/चिल्टे, पौली, उलोऊले, जोद्दे, छांईछो, सुतोऊले, गुल्टी/ सिंकार परम्परागत पकवान एवं व्यंजन
  • शिरगुल, महासू, ठारी, कुजियाठ, भंगायण, कोईलू, नारसिंह, गुगा, कोलाणा, भद्वाश, परशुराम, जोलोहू, काली, आदि प्रमुख आराध्य देव-देवियाँ
  • हारुल, लामण, झूरी, छौड़े, गांगे, भाभे, झान्गु, छब्कुटे, देव कांडी, भारथ, सियाहरण, विरसू, घुघती प्रचलित लोक गीत
  • गी, मन गी, रासो, घुन्डिया रासो, झैंता, लाम्ब/ताण्द, फुलाणीयां, होजुरा, लिम्बर, डांगरा, तलवार, नाटी, ठोड़ा, बुढा सिंह, सिंहटू लोकप्रिय नृत्य
  • ढोल, नगाड़ा, रणशिंगा, दुमानो, करनाल/कनाल, ताली, ढेंसु, ढांकोले, घड़ा, लौटा, डोंरू, घडेल, हुडुक, ढोलक, खान्जरे, शहनाई, बाजा, बांसुरी, बीमू मुख्य हाटी वाद्य यंत्र
  • लोएया, सुथण, झागा, जांघिया, गौन्छा, तागड़े, टोपे आदि पुरुष जबकि लोगड़ी, कुरता, ढाटू, गाचे, सलवार, कमीज, घाघरा, चोंड्कू आदि महिला परिधान
  • नाथ, गैरा, छोलबले, तिले, फोले, उतराली, तुंगल, बाली, लूड़कु, हान्सोले, काच, बाजूबंद, धागुले, पुल्ली, टीका, कांगणी, कांडे, मुरकी आदि महिलाओं के गहने जबकि पुरुषों में नोती, कांगणी, और कांडे आदि यदा-कदा पहनने का प्रचलन
  • हाटी खशों एवं खूंदों में शाठा-पाशा परम्परा आदिकाल से विद्यमान हैं I
  • कान्छोंग, कान्शोंग, जेठोंग व जीऊगा उत्तराधिकार सम्पति बंटवारे की परम्पराएं हैं I
  • खुमली सस्ती स्थानीय परम्परागत न्याय वयवस्था
HATTEE GIRIPAR

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वर्तमान-गतिविधियाँ

हाटी जनजाति भवन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में निरंतर हो रही गतिविधियों की ताज़ा जानकारी।